Friday, 18 October 2013

आंतकीक ठौर बनैत जा रहल अछि मिथिला

प्रणव प्रियदर्शी
अपन सांस्कृतिक छटा, सांप्रदायिक सौहार्द आ सहज जीवनक स्वर साधक मिथिला कें आब आतंकक गेहुमन डसि रहल अछि। अमन-चैनक ई धरती आतंकी फसल कें लहलहाइत देखि संशय मे परि गेल अछि। मिथिलाक बैशिष्टे एकर कमजोरी बनि रहल अछि। आइ मिथिलाक भूमि आतंकी कें 'सेफ जोन' मानल जा रहल अछि। ओना बोधगया बम ब्लास्ट कें बादे सं बिहारो पहिल बेर आतंकी हमला कें केंद्र बनि गेल। ताहि मे मिथिला सं एक केर बाद एक इंडियन मुजाहिदीन (आइएम), लश्कर-ए-तैयबा सनहक आतंकवादी संगठनक आतंकवादी कें लगातार गिरफ्तारी सं ई अपन अस्तित्वक मुह जोहि रहल अछि। ई धरती आब खुफिया एजंसी आ राष्ट्रीय जांच एजेंसी कें नजरि मे गरि गेल अछि।
   पहिल बेर 2007 मे मिथिलांचलक दरभंगा जिला केर नाम आतंकी गतिविधिक कारण समक्ष आयल छल। एहि वर्ष अंडर वर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहीमक खासमखास फजलुर रहमानक गिरफ्तारी कें लेल दरभंगा कें जाले थानाक देवरा बंधौली गांव में छापामारी कएल गेल छल। मुदा ओ पुलिस कें हाथ मे नहि आयल छल। 17 अप्रैल 2010 कें बेंगलुरू कें चिन्ना स्वामी स्टेडियम मे भेल बम धमाकाक लेल दरभंगा कें बाढ़ समैला गाम कें मोहम्मद कफिल, मोहम्मद कतिल आर मोहम्मद गौहर अजीज गिरफ्तार भए चुकल अछि। गिरफ्तार आतंकी सं भेटल सूचना कें बल पर एहि गांव के दु गोट आर आतंकवादी मोहम्मद सैफ आर फसी अहमद महमूदक सउदी अरब से पिछला वर्ष गिरफ्तारी भेल छल। इएह साल 21 जनवरी 2013 कें भटकलक खासमखास मोहम्मद दानिश कें दरभंगे जिला कें लहेरियासराय थाना के चकजोहरा गाम सं जांच एजेंसी गिरफ्तार कयने छल। अहुठाम एकरा रहैक लेल भटकले बंदोबस्त केने छल।
  एहि तरहें छोट-पैघ स्तर पर ई क्रम जारि अछि। एहि क्रम मे पिछला महीना 29 अगस्त कें नेपाल सं लागल बिहारक रक्सौल शहर सं इंडियन मुजाहिदीन सरगना वा सह संस्थापक यासीन भटकल आ ओकर करीबी असदुल्ला अख्तर उर्फ हड्डीक गिरफ्तारी भेल। ई बिहार पुलिस आ एनआइए के सामूहिक सहयोग सं भेल। शेष आतंकवादीक गिरफ्तारी लेल जांच एजेंसी लगातार अभियान चला रहल अछि। बिहार पुलिस कें कहने छै जे दुनू आतंकवादी अपन मिशन कें अंजाम देबाक योजना पे बातचीतक लेल एतय आयल छल। भटकल देश कें 12 सभ सं अधिक वांछित आतंकवादी कें सूची मे शामिल अछि। ओकरा पकड़ए मे खुफिया एजेंसी कें छह महीना कें समय लागल।
    हैदराबाद मे एहि साल फरवरी मे भेल बम धमाका मे ओकर हाथ हेबोक बाद सं पूरा तंत्र ओकर गिरफ्तारी मे जुटि गेल छल। आओर, ओ अपन पहिचान छुपा-छुपा कें बिहारक गाम सभक अपन आसरा बनबैत छल। कहल जा रहल अछि जे भटकलक गिरफ्तारी अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहीम आ हाफिज सईद कें करीबी आओर लश्कर-ए-तैयबा कें बम एक्सपर्ट आतंकवादी टुंडा कें निशानदेही पर भेल। टुंडा कें गिरफ्तारी अगस्त मे भेल। 70 वर्षीय अब्दुल करीम टुंडा कें भारत-नेपाल सीमा पर वनबसा (महेंद्रनगर, उत्तराखंड) सं दिल्ली पुलिस गिरफ्तार कएलक। 26 नवंबर के चर्चित मुंबई आतंकी हमलाक बाद भारत पाकिस्तानक जे 20 आतंकवादी कें नामक सूची देलक ओहि मे टुंडाक नाम सभ सं ऊपर छल। टुंडाक गिरफ्तारीक एकहि सप्ताह बाद 24 अगस्त कें बिहारक कटिहार जिलाक कदवा थाना क्षेत्रक सिंगलपुर गांव सं पुलिस टुंडा कें सहयोगी मोहम्मद बशीर कें गिरफ्तार कएलक।
  कर्नाटक कें भटकल गामक रहनिहार यासीन कें सासुर समस्तीपुर अछि। ओकर लाभ ओकरा सदिखन अपन काज कें आगा बढ़यबा मे करए छल। गिरफ्तारीक बाद एनआइए ओकरा पूछताछक लेल दरभंगो लए गेल छल। कड़गर सुरक्षा मे एनआइए कें टीम भटकल कें लए कें लेहरियासराय थानांतर्गत करमगंज मुहल्लाक पुस्ताकलय गेल, जतए ओ पहिने जाइत-आबैत छल। जमालचक गाम मे भटकलक घर संगे आन-आन ठाम सं सहो जानकारी जुटायल गेल। साल 2010-2012 कें बीच भटकल डॉ. इमरान के नाम सं एक गोट युनानी चिकित्सिक के रूप मे दरभंगा मे रहैत छल। एहि क्रम मे नवतुरिया सभ के बहका कें अपन संगठनक सदस्य बनबैत छल। एहि साल 21 जनवरी कें भटकलक करीबी मोहम्मद दानिश के सेहो दरभंगाक लेहरियासराय थाना के चकजोहरा से जांच एजेंसी गिरफ्तार केने छल।
  ई सभ आतंकवादी गतिविधिक आहटक मूल कारण अछि भारत-नेपालक खुलल सीमा। उत्तराखंड सं बिहार तक नेपालक संग भारतक खुलल सीमा अछि आ दुनू देशक मध्य एहि सीमा सं बिना अवरोध आवागमन भए रहल अछि। भारत-पाकिस्तान सीमा पें करगर पहरा अछि। एहि कारण पाकिस्तानी आतंकवादी अपन मंसूबा कें पूरा करय लेल बेधड़क एहि सीमा के इस्तेमाल करि रहल अछि। सैकड़ो किलोमीटर नमहर एहि सीमा पर प्रांतीय पुलिस आ सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवान तैनात अछि, जकरा पर सख्ती नहि करैक दबाव अछि। धर्मावलंबी कें प्रति भारत मे सदि काल सं उदारता कें भाव अछि, जकर लाभ आतंकवादी कें भेटैत अछि।
सुनबा मे आयल अछि जे बिहारक बॉर्डर इलाका के पढ़ल-लिखल लोक सभ आओर आम लोक जे कमाए-खाए लेल बिहार सं बाहर जा रहल छथि। हुनकर जमीन खास समुदाय के लोक भारी संख्या मे खरीद रहल अछि। विदेश सं आएल पाएक निवेश जमीन-खेत-खलिहान-गाछी मे भ' रहल अछि। एहि इलाका के ब्राह्मण, कायस्थ, भूमिहार आ दोसर जातिक लोको सभ नौकरी के सिलसिला मे गाम छोडि़ रहल छथि। एहन गाम छोड़य वाला लोक सभ के जमीन पर असामाजिक गतिविधि चलाबय वाला लोक के नजर अछि। ओ जमीनजथा खरीद सेहो रहल अछि। एहि पर ध्यान देब आवश्यक अछि।
    देश भरि मे कतहुं आतंकी वारदात कए आतंकी बिहार आबि जाइत अछि। किएक त' बिहार सं नेपाल आओर बांग्लादेश भ' बाहर निकलय लेल नीक रहैत छै। एहि लेल इंडियन मुजाहिदीन आओर दोसर आतंकी संगठन मिथिला मे अपन पकड़ मजबूत बना रहल अछि। आतंकी सभ एखन पूरा उत्तर बिहार-मिथिलाक इलाका पर अपन तंत्र मजबूत करय पर लागल अछि। एहि मे चंपारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, पूर्णिया, अररिया, सहरसा आओर दोसर बॉर्डर इलाका मे संगठन सं लोक सभ कें जोडि़ रहल अछि। ई इलाका ओहिना पहिने सं स्मगलिंगक लेल बदनाम रहल अछि। आम सामानक तस्करी मे ओना तह्ण कमी आएल अछि। मुदा आब हवाला आओर दोसर तरहक तस्करी बढि़ रहल अछि। आतंकी सभ नव-नव इलाका कें तलाश करि रहल अछि। ओहि हिसाब सं मिथिलाक ई इलाका सभ सं नीक मानल जा रहल अछि आतंकी गतिविधि के चलाबय लेल।
   नेपालक रस्ते पाकिस्तान सं ढेरे आतंकवादी भारत आबि रहल अछि। आतंकवाही एहि रस्ते भारत आबि के आत्मसमर्पण कए रहल अछि। साल 2010 सं अखन तक 300 सं बेसी आतंकवादी भारत आबि कें आत्मसर्पण कए चुकल अछि। एहि मे कतेक भारतक नवतुरिया पाकिस्तान जा कें आतंकवादक प्रशिक्षण लेला कें बाद जखन नियंत्रण रेखा सं भारत लौटबा मे कामयाब नहि भेल त' ओहि ठाम बियाह करि लेलेक। आब बाल-बच्चा सने भारत लौटि रहल अछि। पूर्वोत्तर के कतेक उग्रवादी सभ नेपालक रस्ताक उपयोग करैत पकड़ल गेल अछि।
   एहि सभ गतिविधि पर अंकुश लगाबय लेल 2005 सं भारत-नेपालक मध्य सीमा समझौता करैक बात शुरू भेल छल। मुदा नेपाल अपन राजनीतिक अस्थिरता कें बहाना बनाए समझौताक बात टालि देलक, जे एखनो लटकल अछि। एसएसबी कतेक बेर कहि चुकल अछि भारतक लेल नेपाल सीमा पर कुकुरमुत्ता जेना उगल मदरसा खतरनाक साबित भए रहल अछि। मिथिलाक बॉर्डर इलाका मे बताएल जा रहल अछि जे पिछला 15-20 साल मे मस्जिद-मदरसा के संख्या 10 गुना सं बेसि बढि़ गेल अछि। आइएम (इंडियन मुजाहिदीन) आओर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ (इंटर सर्विस इंटेलिजेंस) एकर मार्फत युवक सभ के जेहाद लेल भड़का रहल अछि।
   कहल त' इहो जे रहल अछि जे नेपाल आओर अरब देशक मार्फत आइएसआइ बिहार कें बार्डर इलाका मे काफी पैसा भेज रहल अछि। एहि इलाका मे बनि रहल बड़का-बड़का मस्जिद-मदरसा कें लेल अरब से पाई आबि रहल अछि। मुदा वोटक गणित भारत सरकार कें एहि दिशा मे पएर  उठाब' लेल रोकि रहल अछि। आतंकवादी वोटक आधारवला एहि भाव कें बुझैत अछि। ताहि कारण बेरोकटोक मदरसा खोलि भारत कें अस्थिर करैक मंसूबा पूरा कए रहल अछि। चिंताक गप इहो अछि जे नीतीश सरकार एहि सब अजगुतक संबंध में केंद्र सरकार आ पुलिस प्रशासनक दायित्व बुझैत मौन साधने अछि। आवश्यकता अछि जे मिथिलाक आमजन संगे पूरा बिहार आ भारत कें जागरूक हेबाक। दहशतगर्दी कें खिलाफ प्रतिबद्ध भए शंखनाद करै कें। 

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